Sunday, July 14, 2024
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क्या टॉस पर टिका टीम इंडिया का भविष्य:2014 से वर्ल्ड कप के 6 नॉकआउट मैच गंवाए; किसी में भी टॉस नहीं जीता

टीम इंडिया आज 11 साल में किसी ICC इवेंट का 14वां नॉकआउट मैच खेलने उतरेगी। टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारत का सामना इंग्लैंड से होगा। इंग्लैंड ने ही भारत को 2022 में पिछला सेमीफाइनल हराया था। 2014 के बाद से भारत ने वनडे और टी-20 वर्ल्ड कप के 6 नॉकआउट मैच गंवाए। किसी भी में भी टीम इंडिया टॉस नहीं जीत सकी थी। इस बार गयाना के प्रोविडेंस स्टेडियम में भारत का सेमीफाइनल मैच होगा, जहां पहले बैटिंग करना फायदेमंद है। यानी इंग्लैंड ने टॉस जीत लिया तो भारत एक बार फिर ICC के नॉकआउट मैच में बैकफुट पर जा सकता है। जानते हैं ICC इवेंट में भारत की परफॉर्मेंस पर टॉस का कितना असर रहा… टी-20 वर्ल्ड कप: आखिरी बार टॉस हारकर नॉकआउट मैच 10 साल पहले जीता था
किसी ICC इवेंट के नॉकआउट मुकाबले में भारत को आखिरी बार टॉस हारने के बावजूद जीत 2014 में मिली थी। तब टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका को हराया था। इस मैच में टॉस साउथ अफ्राका ने जीता था। इसके बाद से किसी भी ICC इवेंट के नॉकआउट मैच में भारतीय टीम कभी टॉस हारने के बाद मैच नहीं जीत सकी। 2007 से अब तक भारतीय टीम टी-20 वर्ल्ड कप में भारत ने 6 नॉकआउट मैच खेले हैं। 2 में भारत ने टॉस जीता था और उन दोनों में टीम को जीत मिली। 4 में भारत ने टॉस गंवाया और इनमें से तीन में हार झेलनी पड़ी। गयाना में पहले बैटिंग करना फायदेमंद
भारत और इंग्लैंड का सेमीफाइनल मुकाबला आज रात 8 बजे से गयाना के प्रोविडेंस स्टेडियम में खेला गया। यहां ग्रुप स्टेज के 5 मैच खेले गए, 3 में पहले बैटिंग और 2 में चेज करने वाली टीमों को जीत मिली। गयाना में पहली पारी का औसत स्कोर 146 रन है, जबकि दूसरी पारी में 3 टीमें 80 रन से कम स्कोर पर ऑलआउट हो चुकी हैं। इनमें न्यूजीलैंड भी शामिल है, जिसे अफगानिस्तान ने दूसरी पारी में 75 रन के स्कोर पर ही समेट दिया था। दूसरी पारी में खराब बैटिंग के कारण टूर्नामेंट में यहां का ओवरऑल औसत स्कोर महज 112 रन है। टू्र्नामेंट के पिछले कुछ मैचों से साफ है कि गयाना में पहले बैटिंग करना फायदेमंद है। यानी आज जो भी टीम टॉस जीतेगी, वह पहले बैटिंग करेगी। इसलिए जरूरी है कि भारत आज के अहम सेमीफाइनल में मैच जीतने से पहले टॉस भी जीते। भारत ने इस बार टूर्नामेंट के अपने 67% मैच भी पहले बैटिंग करते हुए ही जीते हैं। सुपर-8 में तो भारत ने तीनों मैच पहले बैटिंग करते हुए ही जीते। टी-20 वर्ल्ड कप में तो भारत को टॉस का साथ कभी नहीं मिला, लेकिन वनडे और टेस्ट फॉर्मेट में भी टॉस के कारण भारत को परेशानियां हुईं… वनडे वर्ल्ड कपः ऑस्ट्रेलिया ने 2, न्यूजीलैंड ने एक नॉकआउट हराया, तीनों में टॉस हारा था भारत
भारत ने 2011 में आखिरी बार वनडे वर्ल्ड कप जीता, तब भारत ने 3 में से 2 नॉकआउट मैच टॉस हारने के बावजूद जीते थे। इनमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल और श्रीलंका के खिलाफ फाइनल शामिल हैं। दोनों में भारत ने पहले बॉलिंग की, टीम ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बैटिंग की और मैच भी जीता। 2011 के बाद भारत ने 3 और वनडे वर्ल्ड कप खेले। 2015 में ऑस्ट्रेलिया ने और 2019 में न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में हराकर बाहर किया। वहीं 2023 में ऑस्ट्रेलिया ने ही फाइनल हराया। तीनों बार टीम टॉस भी नहीं जीत सकी। इस दौरान भारत ने 2015 में बांग्लादेश को क्वार्टर फाइनल और 2023 में न्यूजीलैंड को सेमीफाइनल हराया। दोनों बार टीम इंडिया ने टॉस भी जीता। यानी वनडे फॉर्मेट के वर्ल्ड कप में भी टॉस ने नॉकआउट मुकाबलों में भारत का विजय रथ रोका। चैंपियंस ट्रॉफी: टॉस जीते, लेकिन फाइनल गंवाया
भारत ने 2013 में इंग्लैंड जाकर चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा किया। तब टीम ने सेमीफाइनल में श्रीलंका और फाइनल में इंग्लैंड को हराया। श्रीलंका के खिलाफ तो भारत ने टॉस भी जीता, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ टॉस हारने के बावजूद भारत ने बाजी मारी। चैंपियंस ट्रॉफी फिर 2017 में एक ही बार खेली गई, भारत ने फिर एक बार फाइनल में जगह बनाई। टीम ने सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ टॉस जीता और उन्हें 9 विकेट से हराया। फाइनल में भी भारत ने टॉस जीता, लेकिन कप्तान विराट कोहली कंडीशन नहीं समझ सके और पाकिस्तान को पहले बैटिंग करने के लिए बुला लिया। पाकिस्तान ने भी मौके को भुनाया को 50 ओवर में 338 रन बना दिए। भारत 158 रन ही बना सका और 180 रन के बड़े अंतर से मैच हार गया। इस मैच में भारत के पास पहले बैटिंग कर बड़ा टारगेट देने का मौका था, लेकिन कप्तान के गलत फैसले ने भारत से ट्रॉफी जीतने का मौका छीन लिया। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप: एक टॉस जीता, एक हारा, मैच दोनों गंवाए
ICC ने 2019 में टेस्ट फॉर्मेट का भी वर्ल्ड कप शुरू कर दिया, जिसका नाम WTC यानी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप रखा गया। 2021 में इसका पहला फाइनल खेला गया, भारत ने न्यूजीलैंड के साथ खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। 2021 का फाइनल इंग्लैंड के साउथैम्प्टन में खेला गया, यहां न्यूजीलैंड ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी चुन ली। टीम इंडिया 2 पारियों में 217 और 170 रन के स्कोर ही बना सकी, न्यूजीलैंड ने 8 विकेट से मैच जीता और भारत के ट्रॉफी जीतने का सपना तोड़ दिया। 2023 में फिर WTC का दूसरा फाइनल हुआ, भारत ने इस बार भी फाइनल खेला, लेकिन सामने ऑस्ट्रेलियन टीम मिल गई। टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने इस बार टॉस जीत लिया, लेकिन वह भी कंडीशन भांप नहीं सके और ऑस्ट्रेलिया को पहले बैटिंग करने के लिए बुला लिया। कंगारू टीम ने 469 रन बना दिए। भारत 2 पारियों में 269 और 234 रन ही बना सका और 209 रन से मैच हार गया। 2014 से 13 नॉकआउट खेले, 8 टॉस और 9 मैच गंवाए
भारत ने 2014 से ICC के तीनों फॉर्मेट के 4 अलग-अलग टूर्नामेंट में 13 नॉकआउट मैच खेले। टीम इनमें 5 ही बार टॉस जीत सकी, जिनमें भी 2 बार टीम को हार का सामना करना पड़ा। 3 जीत भी क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में ही मिल सकी, जबकि दोनों हार फाइनल में मिली। यानी भारत अगर टॉस जीते तो नॉकआउट जीतने के 60% चांस हो जाते हैं। लेकिन फाइनल में टॉस जीता तो भी जीतने का कोई चांस नहीं रहा। 2014 से भारत ने 8 नॉकआउट मैचों के टॉस गंवाए। इनमें 7 बार टीम को हार मिली और महज एक में जीत मिली। यह जीत भी 2014 में ही साउथ अफ्रीका के खिलाफ सेमीफाइनल में आई। इसके बाद भारत किसी भी ICC टूर्नामेंट के नॉकआउट मैच में टॉस हारने के बाद मैच नहीं जीत सका। इसलिए आज के मैच में भारत के लिए टॉस जीतना भी बहुत ज्यादा जरूरी हो गया है।

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