Tuesday, June 18, 2024
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टॉपर्स मंत्रा – PHd स्‍कॉलर साधना की टिप्‍स:यूट्यूब से नोट्स बनाए, AI से प्रैक्टिस की; सिर्फ ऑनलाइन पढ़कर क्रैक किया NET JRF

मेरा नाम साधना शुभदर्शिनी है। जून 2023 में मेरा यूजीसी नेट जेआरएफ क्लियर हुआ था। अभी फिलहाल मैं लखनऊ के बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी (BBPU) में मास कम्युनिकेशन में Ph.D. कर रही हूं। मैंने अपना मास्टर्स MJMC में ओड़िसा की रावेनशॉ यूनिवर्सिटी से किया है। मैं मास्टर्स के लिए 2021 में इनरोल हुई थी। साधना ने दूसरे अटेम्‍प्‍ट में NET क्‍वालिफाई किया था, जबकि तीसरे अटेम्‍प्‍ट में JRF क्लियर किया। आज टॉपर्स मंत्रा में जानेंगे UGC NET एग्‍जाम की तैयारी के लिए क्‍या खास स्‍ट्रैटजी जरूरी है… मैंने पूरी तरह से सेल्फ प्रिपरेशन किया। यूट्यूब वीडियोज को देखकर नोट्स बनाया। बाद में उसी को रिवाइज करती थी। जब हम NET JRF एग्जाम दे रहे होते हैं तो हम पूरी तरह से मेच्योर हो चुके होते हैं तो हम खुद से भी प्रिपरेशन कर सकते हैं। जरूरी नहीं है कि हम कोचिंग लें। दरअसल इंटरनेट और यूट्यूब पर बहुत मटेरियल है। ऐसे में अगर आपके पास टाइम है और मास्टर्स फर्स्ट ईयर या फाइनल ईयर के स्टूडेंट हैं तो आराम से सेल्फ प्रिपरेशन कर सकते हैं। लेकिन अगर आपके पास टाइम नहीं है और आपके सब्जेक्ट के लिए कोई अच्छी कोचिंग इंस्टीट्यूट है तो उससे हेल्प ले सकते हैं। वो सिलेबस के अनुसार मटेरियल प्रोवाइड करते हैं। यूट्यूब से पढ़कर नोट्स बनाए
NET एग्जाम में दो पेपर होते हैं। पहला पेपर सभी के लिए समान होता है और दूसरा पेपर सब्जेक्ट ओरिएंटेड होता है। तो ऐसे में मैंने दूसरे पेपर के लिए सत्येंद्र माझी के यूट्यूब चैनल से प्रिपेयर किया। एग्जाम के लिए मैंने किसी खास बुक की मदद नहीं ली और प्रिफर भी नहीं करती की कोई बुक से तैयारी करे। हालांकि, कोई करना चाहे तो कर सकता है। सही ऑनलाइन स्‍टडी मटेरियल चुनना जरूरी
सही तरीके से प्रिपरेशन के लिए सबसे पहले NET JRF के सिलेबस का प्रिंटआउट लाइए और उसी के अनुसार इंटरनेट, यूट्यूब और दूसरे ऑनलाइन पोर्टल से मटेरियल निकालकर अपनी प्रिपरेशन कर सकते हैं। आज कल तो प्रिपरेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भी मदद ले सकते हैं। बहुत सारे ऑनलाइन और ऑफलाइन कोचिंग इंस्टीट्यूट मटेरियल प्रोवाइड करते हैं। लेकिन किसी कोचिंग के मटेरियल का प्रिंट आउट लाकर प्रिपरेशन करना उतना फायदेमंद नहीं होता है। जब आप खुद के नोट्स बनाते हैं तो आपको पता होता है कि आपने क्या पढ़ा था क्या लिखा था। इस तरीके से चीजें हमारी मेमोरी में आसानी से स्टोर होती हैं। प्रीवियस ईयर क्वेश्चन पेपर्स की प्रैक्टिस करें
प्रीवियस ईयर क्वेश्चन बहुत इंपॉर्टेंट है। एक महीने कम से कम आपको सिलेबस और क्वेश्चन पैटर्न को समझने के लिए देना चाहिए। एक बार सिलेबस और क्वेश्चन पैटर्न समझ आ गया तो टीचर्स को फाइंड आउट करना आसान रहेगा। टीचर्स या सोर्स को फिक्स करने के लिए भी आपको 1 महीने का टाइम देना चाहिए। क्योंकि ऑनलाइन पोर्टल्स पर टीचर्स और कंटेट की भरमार है। उसमें से अपने लिए उचित सोर्स ढूढ़ने में थोड़ा वक्त लगेगा। मान लीजिए पेपर वन में 10 चैप्टर है तो अलग-अलग चैप्टर के हिसाब से टीचर्स को फिक्स कर लीजिए। लास्ट तक उसी टीचर के मार्गदर्शन में तैयारी करें। पहले अटेम्‍प्‍ट में फेल हुई तो टीचर बदल दिया
पहली बार जब मैंने UGC NET का एग्जाम दिया था तो कुछ टीचर्स को फॉलो कर रही थी। सेकेंड अटेम्प्ट में मैंने टीचर चेंज कर लिया था। क्योंकि दूसरे अटेम्प्ट तक मुझे पता चल गया था कि कौन अच्छा टीचर है और बढ़िया पढ़ाते हैं। उसके बाद मैंने सब्जेक्ट वाइज नोट बनाकर अपनी प्रिपरेशन की। बहुत सारे कैंडिडेट अपनी प्रिपरेशन के लिए खास तौर पर पेपर 2 के लिए मोटी मोटी बुक्स सजेस्ट करते हैं। विशेष रूप से थ्‍योरी और मॉडल्स के लिए बुक्स की प्रिफरेंस देते हैं। मेरा ऐसा मानना है कि ये एग्जाम के लिए हेल्पफुल नहीं है, शायद इसके बाद के लिए हेल्पफुल हो सकता है। एग्जाम के लिए पिन पॉइंट नोट्स चाहिए होते हैं। ये पॉइंट्स आपको यूट्यूब चैनल्स और एग्जाम ओरिएंटेड छोटी-छोटी बुक्स से मिल सकते हैं। मैंने अपने सब्जेक्ट के लिए अरिहंत पब्लिकेशन्स की एक बुक से मदद ली थी। एग्‍जाम अटेम्‍प्‍ट करना भी आना चाहिए
सबसे पहले तो आपको सारे क्वेश्चन्स अटेम्प्ट करके आना चाहिए। किसी क्वेश्चन का आंसर अगर नहीं पता है तो इसको दो तरीके से अटेम्प्ट कर सकते हैं। एक तो आप आंख मूंदकर किसी भी ऑप्शन को टिक कर दीजिए और दूसरा स्ट्रेटिजिक ब्लॉक। स्ट्रेटजिक ब्लॉक से आपको पता चल जाता है कि ये दो ऑप्शन तो नहीं होंगे, बाकी दो में कन्फ्युजन हो सकता है। जैसे-जैसे आपकी प्रिपरेशन बेहतर होती जाएगी, ब्लॉक बनाने में आसानी होती जाएगी। आपको तुरंत पता चल जाएगा, कि ये दो ऑप्शन तो बिल्कुल भी सही नहीं हो सकते। कॉलम मैचिंग में भी स्ट्रेटिजिक ब्लॉक काफी मदद करता है। पेपर 1 में अच्‍छा स्‍कोर करना हो तो जरूरी टॉपिक्‍स पढ़ें
UGC NET एग्जाम में आमतौर पर ह्यूमैनिटीज वाले स्टूडेंट एप्टिट्यूड में मैथ्स को लेकर थोड़ा डर जाते हैं। लेकिन प्रतिशत और डेटा इंटरप्रिटेशन (DI) अगर हो जाए तो एग्जाम क्लियर हो जाता है। एग्जाम इतना डिफिकल्ट नहीं होता है। हालांकि, 2022 की तुलना में 2023 का पेपर डिफिकल्ट था। पर अगर आपकी किस्मत खराब ना हो तो पेपर अच्छे से सॉल्व हो जाता है। यूट्यूब पर डेली क्‍वेश्‍चन सेशन लें
बहुत सारे यूट्यूब चैनल पर डेली क्वेश्चन ऑवर सेशन होता है। उसे आपको रेगुलर बेसिस पर ट्राई करना चाहिए। इसमें टीचर्स क्वेश्चन देंगे फिर आंसर बताएंगे और उस क्वेश्चन का एनालिसिस भी करते हैं। एनालिसिस के दौरान वे बताते हैं कि इसके लिए सही आंसर कौन है और बाकी के तीन क्यों नहीं हैं। मैं इसे पूरी तरह से फॉलो करती थी। पहले क्वेश्चन्स को लिखती थी फिर ऑप्शन और फिर सही ऑप्शन पर टिक मार्क करते हुए नोट डाउन करती थी। मैंने ये स्ट्रेटजी विशेष रूप से डेटा इंटरप्रिटेशन (DI) के लिए अपनाई थी। 5 से 6 प्रकार के DI के क्वेश्चन्स एग्जाम में पूछे जाते हैं। डेली एक टाइप के क्वेश्चन अटेम्प्ट करेंगे और हर दिन 45 मिनट भी देंगे तो एक महीने में आराम से पूरा DI कवर हो जाएगा। ह्युमिनिटीज बैकग्राउंड वाले कैंडिडेट्स के लिए लॉजिकल रीजनिंग (रिलेशन और ब्लड रिलेशन) तो हो जाता है, लेकिन मैथ्स में थोड़ी प्रॉब्लम होती है। हालांकि, थोड़ी प्रैक्टिस से मैथ्स के क्वेश्चन भी सॉल्व हो जाते हैं। 3 महीने की लगातार तैयारी काफी है
NET एग्जाम आप 3 महीना लगातार मेहनत करके क्लियर कर सकते हैं। आपको एग्जाम के निश्चित 3 घंटे में अच्छा परफॉर्म करना होगा। 1 मार्क भी पीछे रह गए तो एग्जाम क्लियर नहीं होगा। पिछली बार जब मेरा NET हुआ था तब मैं JRF से 3-4 मार्क्स पीछे थी। ऐसा नहीं था कि तब मेरे पास नॉलेज कम या ज्यादा था। आपको एग्जाम के 3-4 महीने पहले थोड़ा ज्यादा पढ़ना पड़ेगा। एवरेज स्टूडेंट भी सही तैयारी से एग्‍जाम क्लियर कर सकते हैं
एकेडमिक्स में मैं भी बहुत स्ट्रॉन्ग नहीं हूं। एवरेज स्टूडेंट रही हूं। स्ट्रेस लेने की कोई जरूरत नहीं है। अगर आप अंडर एवरेज स्टूडेंट भी हैं तो भी एग्जाम आराम से क्लियर हो जाएगा। 3-4 महीने नोट्स प्रिपेयर करने और उन्हीं को रिवाइज करने के लिए दे देंगे तो एग्जाम आराम से क्लियर हो जाएगा। अगर आप फर्स्ट ईयर से तैयारी शुरू करते हैं तो सेकेंड ईयर तक आते-आते आपकी प्रिपरेशन पूरी हो जाएगी। बस आपको पर्सिस्टेंट होना पड़ेगा।

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