Sunday, July 21, 2024
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बारबाडोस में पहले बैटिंग करना फायदेमंद:पेसर्स को मदद, लेगस्पिनर बन सकते हैं गेमचेंजर; वर्ल्ड कप फाइनल की पिच का एनालिसिस

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच आज बारबाडोस में टी-20 वर्ल्ड कप का फाइनल होगा। केंसिंग्टन ओवल स्टेडियम में रात 8 बजे से मैच खेला जाएगा। यहां की पिच पर टॉस जीतकर पहले बैटिंग करना फायदेमंद साबित होगा। बारबाडोस में तेज गेंदबाजों को मदद मिली है, वहीं लेगस्पिनर्स गेमचेंजर साबित हो सकते हैं। साउथ अफ्रीका में एनरिक नॉर्त्या, कगिसो रबाडा और तबरेज शम्सी हैं। वहीं, भारत में जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव जैसे वर्ल्ड क्लास गेंदबाज हैं। जो इस पिच पर खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में आज का फाइनल टूर्नामेंट का सबसे बड़ा थ्रिलर भी साबित हो सकता है। स्टोरी में जानेंगे बारबाडोस में पिच का बिहेवियर कैसा है… बारबाडोस में पहले बैटिंग करना फायदेमंद
बारबाडोस में अब तक 32 टी-20 खेले गए, यहां पहले बैटिंग करने वाली टीमों ने 19 और पहले बॉलिंग करने वाली टीमों ने 10 मैच जीते। एक मैच टाई और 2 बेनतीजा रहे। यानी पहले बैटिंग करने वाली टीमों को 59% सफलता मिली। साल 2022 के बाद से पहले बैटिंग करने वाली टीमों ने 50%, जबकि पहले बॉलिंग करने वाली टीमों ने 36% मैच जीते। एक मैच टाई और एक बेनतीजा रहा। टी-20 वर्ल्ड कप 2024 में केंसिंग्टन ओवल में 8 मैच खेले गए। 3 में पहले बैटिंग और 3 में पहले बॉलिंग करने वाली टीमों को जीत मिली। एक मैच टाई और एक बेनतीजा भी रहा। फाइनल मैच दिन में होगा, यहां टूर्नामेंट में दिन के 5 मैच खेले गए। 2 मैच पहले बैटिंग और 2 ही पहले बॉलिंग करने वाली टीमों ने जीते। एक मुकाबला बेनतीजा रहा। पहले बैटिंग फायदेमंद कैसे?
बारबाडोस में ओवरऑल टी-20 रिकॉर्ड पहले बैटिंग करने वाली टीमों के पक्ष में है। इस वर्ल्ड कप में 3-3 मैच दोनों तरीके से जीते गए, यानी बराबरी का रिकॉर्ड रहा। हालांकि, चेज करते हुए मैच जीतने वाली 2 टीमों में वर्ल्ड चैंपियन वेस्टइंडीज और इंग्लैंड रहीं, जिनके सामने एसोसिएट टीम अमेरिका की आसान चुनौती थी। इसलिए वेस्टइंडीज और इंग्लैंड को बाद में बैटिंग करते हुए भी जीत मिली। जबकि तीसरी टीम स्कॉटलैंड रही, जिसने नामीबिया को चेज करते हुए हराया। पहले बैटिंग करते हुए इस बार यहां ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड और ओमान को हराया। वहीं टीम इंडिया ने अफगानिस्तान के खिलाफ जीत दर्ज की। टॉप टीमों के मुकाबलों में पहले बैटिंग करते हुए सफलता मिली। इसलिए बारबाडोस में रिसेंट और पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए टॉस जीतकर पहले बैटिंग ही करना चाहिए। लो स्कोरिंग हो सकता है मुकाबला
आज का मैच पिच नंबर-4 पर होगा। यहां ओमान को पहली पारी में 109 रन पर ऑलआउट करने के बाद नामीबिया की टीम दूसरी पारी में 109 रन ही बना सकी थी। टाई मुकाबले को किसी तरह नामीबिया ने जीत लिया था। यहीं स्कॉटलैंड-इंग्लैंड मैच भी था, स्कॉटलैंड ने 10 ओवर में 90 रन बना लिए थे, लेकिन बारिश के कारण मैच बेनतीजा हुआ। बारबाडोस में टूर्नामेंट का औसत स्कोर महज 142 रन रहा। वहीं पहली पारी का औसत स्कोर 166 रन है। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया ने यहां इंग्लैंड के खिलाफ पहले बैटिंग करते हुए 201 रन का सबसे बड़ा स्कोर बनाया था। यहां ओमान ने 109 रन का सबसे छोटा स्कोर बनाया था। सुपर-8 स्टेज में पहुंचने वाली टीमों ने टूर्नामेंट में इस मैदान पर पावरप्ले में औसतन 51 रन बनाए, यानी रन रेट 8.50 का है। 7 से 16 ओवर के बीच औसतन 70 रन बने, यानी मिडिल ओवर्स में रन रेट गिरकर 7.00 हो गया। जबकि 17 से 20 ओवर के बीच औसतन 34 रन बने, यानी रन रेट फिर बढ़कर 8.50 तक पहुंच गया। यानी आज पहले बैटिंग करने वाली टीम को भी हावी होना है तो उन्हें शुरुआती 6 और आखिर के 4 ओवरों में तेजी से रन बनाने होंगे। क्योंकि मिडिल ओवर्स में यहां रन बनाना बहुत मुश्किल है। तेज गेंदबाजों ने 62% विकेट लिए
बारबाडोस की पिच पर तेज गेंदबाजों को ज्यादा मिले हैं, यहां टूर्नामेंट में कुल 96 विकेट गिरे। तेज गेंदबाजों ने 62% और स्पिनर्स ने 33% विकेट लिए। जबकि 5% विकेट रनआउट या बाकी तरह से गिरे। हालांकि, स्पिनर्स की इकोनॉमी यहां तेज गेंदबाजों के मुकाबले कम रही। खासतौर पर लेगस्पिनर्स इस पिच पर गेमचेंजर साबित हो सकते हैं। टूर्नामेंट में तेज गेंदबाजों की इकोनॉमी 7.88 और स्पिनर्स की 7.28 रही। यहां इंग्लैंड के क्रिस जॉर्डन ने अमेरिका के खिलाफ हैट्रिक भी ली थी। जबकि एडम जम्पा, राशिद खान और कुलदीप यादव जैसे लेगस्पिनर्स यहां बैटर्स को परेशान कर विकेट झटक चुके हैं। बारबाडोस में भारत 33%, साउथ अफ्रीका 67% जीता
भारत और साउथ अफ्रीका दोनों ही टीमों ने बारबाडोस के मैदान पर 3-3 टी-20 खेले हैं। साउथ अफ्रीका को 67%, वहीं भारत को 33% मैचों में जीत मिली। भारत को एकमात्र जीत भी इसी टूर्नामेंट में अफगानिस्तान के खिलाफ मिली। इससे पहले टीम ने यहां दोनों टी-20 गंवा दिए थे। 2010 के टी-20 वर्ल्ड कप में बारबाडोस के मैदान पर भारत ने 2 मैच खेले थे। टीम को इनमें ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। साउथ अफ्रीका ने भी इसी दौरान बारबाडोस में 3 मैच खेले। टीम ने अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड को हराया, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ गया। साउथ अफ्रीका इस बार बारबाडोस में नहीं खेला
बारबाडोस में इस बार भारत ने एक मैच खेला है, टीम ने अफगानिस्तान को यहां सुपर-8 स्टेज में 47 रन से हराया था। भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 181 रन बनाए, जवाब में अफगानिस्तान 134 रन पर सिमट गया। साउथ अफ्रीका ने इस बार यहां कोई मैच नहीं खेला। ग्राफिक्स: कुणाल शर्मा

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