Wednesday, July 24, 2024
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भारत का टीम परफॉर्मेंस:8 मुकाबलों में 7 अलग-अलग प्लेयर ऑफ द मैच; वर्ल्ड कप जीताने वाले 10 किरदार

टीम इंडिया ने पहले ऑस्ट्रेलिया और फिर इंग्लैंड और उसके बाद साउथ अफ्रीका को हराकर टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। भारत ने ऑस्ट्रेलिया से 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल और इंग्लैंड से 2022 टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल की हार का बदला लिया और दोनों को हराकर टूर्नामेंट से ही बाहर कर दिया। भारत की लगातार 8 जीत में 1 या 2 नहीं, बल्कि पूरे 9 प्लेयर्स का अहम योगदान रहा। टीम की प्लेइंग-11 का हिस्सा रहे बाकी 3 खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस भले ही उतनी अच्छी न रही हों, लेकिन इन प्लेयर्स ने टीम के लिए कुछ मौकों पर अहम योगदान जरूर दिया। 8 मैच जीते, 7 खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच
भारत इस टी-20 वर्ल्ड कप में अजेय है, टीम ने ग्रुप और सुपर-8 स्टेज में 3-3 मैच जीते। कनाडा के खिलाफ ग्रुप मैच बेनतीजा रहा, वहीं सेमीफाइनल में टीम ने इंग्लैंड को मात दी। जबकि फाइनल में साउथ अफ्रीका को हराया। इन 8 मुकाबलों में 7 अलग-अलग खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच रहे। भारत ने टूर्नामेंट में ज्यादा एक्सपेरिमेंट भी नहीं किए और 8 मैच में 12 ही प्लेयर्स को मौके दिए। शुरुआती 3 मैच खेलने वाले मोहम्मद सिराज की जगह कुलदीप यादव को लाए। कुलदीप ने बाद के 5 मैच खेले। भारत के अलावा साउथ अफ्रीका ने ही टूर्नामेंट में सबसे कम 12 प्लेयर्स ट्राई किए। दोनों ही टीमें फाइनल खेलीं, बाकी सभी टीमों ने 13, 14 या 15 प्लेयर्स तक को मौके दे दिए।
अब जानते हैं भारत को 17 साल बाद टी-20 वर्ल्ड कप खिताब दिलाने वाले खिलाड़ियों की टूर्नामेंट में परफॉर्मेंस… 1. टॉप-4 बैटर्स रोहित शर्मा: आयरलैंड के खिलाफ न्यूयॉर्क की मुश्किल पिच पर कप्तान रोहित ने फिफ्टी लगाई। उन्होंने अगले 4 मैच तक अपना अटैकिंग रोल जारी रखा, लेकिन असफल रहे। रोहित ने फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 41 बॉल पर 92 रन बनाए। उन्होंने सेमीफाइनल में भी अहम फिफ्टी लगाई और सूर्या के साथ मैच विनिंग 75 रन की साझेदारी की। कप्तान टीम के टॉप रन स्कोरर भी हैं। सूर्यकुमार यादव: आयरलैंड और पाकिस्तान के खिलाफ सूर्यकुमार कुछ खास नहीं कर सके, लेकिन अमेरिका के खिलाफ शुरुआती 3 विकेट गिर जाने के बाद टीम को संभाला। सूर्या ने फिफ्टी लगाई और टीम को जीत दिलाई। वह अफगानिस्तान के खिलाफ अर्धशतक लगाकर प्लेयर ऑफ द मैच बने। ऑस्ट्रेलिया के सामने सूर्या ने 16 बॉल पर 31, इंग्लैंड के खिलाफ 36 बॉल पर 47 रन बनाए और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। वह टूर्नामेंट में 200 रन बनाने के करीब हैं। ऋषभ पंत: ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ विकेटकीपर पंत कुछ खास नहीं कर सके, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ 42 और आयरलैंड-बांग्लादेश के खिलाफ मुश्किल पिच पर 36-36 रन की पारी खेलकर जीत में अहम भूमिका निभाई। पाकिस्तान के खिलाफ तो उन्होंने 3 अहम कैच भी पकड़े थे। पंत टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 11 कैच पकड़ चुके हैं, उन्होंने एक स्टंपिंग भी की है। विराट कोहली: टीम इंडिया ने टूर्नामेंट में एक्सपेरिमेंट किया और नंबर-3 पर उतरने वाले कोहली को ओपनिंग भेज दिया। इस पोजिशन पर वह बुरी तरह फेल रहे और शुरुआती 3 पारियों में 1, 4 और 0 के स्कोर ही बना सके। सुपर-8 में फिर उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ 24 और बांग्लादेश के खिलाफ 37 रन बनाए। ऐसा लगा जैसे विराट फॉर्म में आ गए, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खाता खोले बगैर आउट हो गए। इंग्लैंड के खिलाफ भी वह 9 ही रन बना सके। वहीं उन्होंने फाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रन की पारी खेली। 2. टॉप-3 ऑलराउंडर्स हार्दिक पंड्या: उप कप्तान हार्दिक ने बैटिंग, बॉलिंग के साथ फील्डिंग में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। आयरलैंड के खिलाफ 3, वहीं पाकिस्तान-अमेरिका के खिलाफ 2-2 विकेट लिए। ग्रुप स्टेज में अच्छी बॉलिंग के बाद हार्दिक ने अफगानिस्तान के सामने 32, ऑस्ट्रेलिया के सामने 27 और इंग्लैंड के सामने 23 रन की अहम पारी खेली। बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने महज 27 बॉल पर फिफ्टी लगाई और एक विकेट लिया, इस प्रदर्शन के लिए वह प्लेयर ऑफ द मैच बने। वहीं फाइनल में पंड्या ने 2 गेंद पर 5 रन बनाए, तो वहीं 3 ओवर में 20 रन देकर 3 विकेट लिए। अक्षर पटेल: सेमीफाइनल के प्लेयर ऑफ द मैच अक्षर टूर्नामेंट में भारत के सेकेंड बेस्ट ऑलराउंडर और सेकेंड बेस्ट स्पिनर साबित हुए। इंग्लैंड के खिलाफ 3 विकेट लेने से पहले उन्होंने बांग्लादेश को छोड़कर हर मैच में 1-1 विकेट लिया था। वह टूर्नामेंट में 8.00 की इकोनॉमी से 8 विकेट ले चुके हैं। इसके अलावा लोअर ऑर्डर में वह 139.39 के स्ट्राइक रेट से 93 रन भी बना चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने डीप स्क्वेयर लेग पोजिशन पर हवा में जम्प कर एक हाथ से मिचेल मार्श का बेहतरीन कैच पकड़ा, जो टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। जबकि फाइनल में उन्होंने 31 गेंदों पर 47 रन बनाए। शिवम दुबे: अमेरिका के खिलाफ दुबे को एक ओवर गेंदबाजी का मौका मिला, इसमें उन्होंने 11 रन दिए। इसके अलावा उन्होंने टूर्नामेंट में कोई ओवर नहीं फेंका। हालांकि, बांग्लादेश (34), अमेरिका (31*) और ऑस्ट्रेलिया (28) और साउथ अफ्रीका के खिलाफ (27) उन्होंने छोटी लेकिन उपयोगी पारियां खेलीं। 3. टॉप-3 बॉलर्स
अर्शदीप सिंह: सेमीफाइनल में कोई विकेट नहीं ले सके अर्शदीप ने इससे पहले हर मुकाबले में कम से कम एक विकेट तो जरूर लिया। पाकिस्तान के खिलाफ एक, लेकिन आयरलैंड-बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने 2-2 विकेट लिए। अफगानिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वह थोड़े महंगे साबित हुए, लेकिन 3-3 विकेट भी झटक लिए। अमेरिका के खिलाफ अर्शदीप ने महज 9 रन देकर 4 विकेट झटके और प्लेयर ऑफ द मैच रहे। यह टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास में किसी भी भारतीय की बेस्ट बॉलिंग भी रही। वहीं फाइनल में उन्होंने 2 विकेट लिए। जसप्रीत बुमराह: वनडे वर्ल्ड कप में इंजरी के बाद वापसी करने वाले बुमराह टीम इंडिया के सबसे जरूरी और अहम खिलाड़ी हैं। आयरलैंड और पाकिस्तान के खिलाफ प्लेयर ऑफ द मैच रहे बुमराह कुल 15 विकेट लेकर टीम के दूसरे टॉप विकेट टेकर हैं। कुलदीप यादव: ग्रुप स्टेज के 4 मैच मिस करने वाले कुलदीप ने सुपर-8 में पहला मैच खेला। इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने महज 19 रन देकर 3 विकेट झटक लिए। कुलदीप एक बार भी प्लेयर ऑफ द मैच नहीं रहे, लेकिन उनका इम्पैक्ट बहुत ज्यादा रहा। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया-बांग्लादेश के खिलाफ 2-2 और अफगानिस्तान के खिलाफ 3 विकेट लिए। 4. इन प्लेयर्स का योगदान भी अहम रवींद्र जडेजा: जडेजा ने अफगानिस्तान के खिलाफ एक विकेट लिया। बॉलिंग का ज्यादा मौका नहीं मिला, लेकिन उन्होंने प्रेशर बनाया और महज 6.88 की इकोनॉमी से रन खर्च किए। वह 4 पारियों में 20 गेंदें ही खेल सके, लेकिन टीम में सबसे ज्यादा 165 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। मोहम्मद सिराज: ग्रुप स्टेज के शुरुआती 3 मैचों में सिराज बतौर टीम के तीसरे पेसर खेले। उन्होंने 11 ओवर गेंदबाजी की और 5.18 की बेहतरीन इकोनॉमी से रन दिए। उन्हें विकेट एक ही मिला, लेकिन वह लगातार प्रेशर बनाने में कामयाब रहे।

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