Sunday, July 14, 2024
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युवा ग्रैंड मास्टर आर. प्रागननंदा का इंटरव्यू:बोले-बहन वैशाली से हमेशा अपनी पहली चाल के बारे में बात करता हूं ; बैडमिंटन भी खेलता हूं

युवा ग्रैंड मास्टर आर. प्रागननंदा, डी. गुकेश और अर्जुन एरिगैसी ने भारत के लिए शतरंज में वैश्विक सफलता अर्जित की है। इस भारतीय तिकड़ी में शामिल 18 साल के प्रागननंदा ने हाल ही में नॉर्वे में वर्ल्ड नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हराया था। आगामी टूर्नामेंट को लेकर प्रागी कहते हैं, ‘ग्रैंड शतरंज टूर में खेलूंगा। फिर सितंबर में ओलिंपियाड भी आ रहा है। इसके बाद ग्लोबल चेस लीग में भी खेलने को तैयार हूं।’ प्रागी ने गेम, देश में शतरंज के विकास आदि पर बातचीत की। पेश हैं उसके अंश…
सवाल:क्लासिकल फॉर्मेट में कार्लसन को हराने का अनुभव कैसा रहा?
जवाब: रैपिड व ब्लिट्ज में कार्लसन को हरा चुका हूं क्योंकि वह छोटा प्रारूप है और वहां उन्हें हराने का मौका हमेशा रहता है। लेकिन क्लासिकल जीतना अलग तरह का अनुभव है क्योंकि इसमें उन्हें हराना कठिन है। हमारे पहले दो मैच ड्रॉ रहे थे। मुझे पता था कि इस बार वे आक्रामक तरीके से खेलेंगे, जिसके लिए मैं तैयार था।
सवाल:टॉप-10 रैंकिंग में आप, गुकेश और अर्जुन तीनों हैं। क्या आप तीनों में किसी तरह की होड़ है?
जवाब:ईमानदारी से कहूं तो मैं अक्सर गुकेश और अर्जुन से प्रेरित होता हूं। जब भी वे दोनों अच्छा खेलते हैं तो मैं और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित होता हूं ताकि आगामी टूर्नामेंटों में अच्छे नतीजे हासिल कर सकूं। हम तीनों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है, जिससे तीनों मोटिवेट होते रहते हैं। सवाल:बड़ी बहन वैशाली से शतरंज पर क्या बात होती है?
जवाब: अक्सर मैच से पहले मैं उससे अपनी पहली चाल के बारे में बात करता हूं। मैं उससे पूछता हूं कि शुरुआत में कैसे खेलना है। वैसे, हम दूसरे खेलों के बारे में भी बात करते हैं कि उनमें क्या हुआ। हम हर खेल से बहुत कुछ सीखते हैं। सवाल:बतौर शतरंज खिलाड़ी आपका डेली रूटीन क्या है?
जवाब: घर पर ज्यादातर समय शतरंज को देता हूं। इसके अलावा मैं बैडमिंटन खेलता हूं और व्यायाम करता हूं। अगर ऑनलाइन टूर्नामेंट होते हैं तो उनमें भी हिस्सा लेता हूं। इसके अलावा विश्लेषण करता हूं कि क्या गलतियां कीं। चाहे जीतूं या हारूं। सवाल:पहले भारत से चेस में सिर्फ विश्वनाथन आनंद का नाम नजर आता था। अब टॉप-10 में 3 भारतीय हैं। क्या ये चेस में भारत का स्वर्णिम युग है?
जवाब:टॉप-10 में 3 भारतीय होना अच्छा है। हालांकि, मुझे नहीं लगता कि हमें आनंद से तुलना करनी चाहिए। उन्होंने जो हासिल किया है, उसकी तुलना में यह कुछ भी नहीं है। वे एक महान खिलाड़ी हैं और हम सभी उनकी तरह बनना चाहते हैं। वैसे न केवल भारतीय शतरंज बल्कि विश्व शतरंज का स्वर्ण युग चल रहा है।

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