Sunday, July 21, 2024
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DLS मैथड बनाने वाले फ्रेंक डकवर्थ का निधन:84 साल की उम्र में अंतिम सांस ली; टोनी लुइस के साथ निकाला था फॉर्मूला

DLS मैथड…यह शब्द तो आपने क्रिकेट मैचों के दौरान कई बार सुना होगा। इसे बारिश से प्रभावित इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों का नतीजा निकालने के लिए उपयोग किया जाता है। इस मैथड की खोज करने वाले फ्रेंक डकवर्थ का मंगलवार को निधन हो गया है। वे 84 साल के थे। इंग्लैंड के स्टैटीशियन डकवर्थ ने टोनी लुइस के साथ मिलकर 1997 में इस मैथड की खोज की थी, जिसे इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 1 जनवरी 1997 को पहली बार जिम्बाब्वे और इंग्लैंड के मैच में अपनाया था। इस मुकाबले को जिम्बाब्वे ने 7 रन से जीता था। उसके बाद 1999 के वनडे वर्ल्ड कप के दौरान इसे पूरी तरह से लागू किया गया था। 4 साल पहले टोनी लुइस का भी निधन हो चुका है। मंगलवार की सुबह अफगानिस्तान इसी DSL मैथड के तहत बांग्लादेश को 8 रन से हराते हुए टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंच गई। BCCI ने पहले नकारा, फिर अपनाया
भारत में पहली बार इस मैथड का प्रयोग 2006 में किया गया था। पहले BCCI ने इस मैथड का विरोध किया था, फिर अपना लिया। भारत में इस नियम का इस्तेमाल 2006 में भारत और पाकिस्तान के बीच हो रहे मैच में किया गया था। इस वनडे मैच में भारतीय टीम 328 रन बनाकर ऑल आउट हो गई थी, जबकि पाकिस्तान की ओर से 47 ओवर में सात विकेट खोने के बाद 311 रन बनाए गए थे। इस बीच मैच को रोकना पड़ा और पाकिस्तान को डकवर्थ लुईस नियम के तहत विजेता घोषित किया गया था। आपको बता दें कि साल 2008 में भारत और इंग्ललैंड के बीच हो रहे मैच को बारिश की वजह से 22 ओवर का कर दिया गया था। इस मैच में भारत ने 4 विकेट पर 166 रन बनाए थे, जबकि इंग्लैंड को लुईस नियम लागू कर 198 रनों का लक्ष्य दिया गया, लेकिन वह सिर्फ 171 रन बनाने में सफल रहा और इसके बाद भी हार गया। 2015 में बदला नाम, DL से DLS किया गया
साल 2015 में डकवर्थ लुईस फॉर्मूला बदलकर डकवर्थ लुईस स्टर्न फॉर्मूला कर दिया गया। डकवर्थ और लुईस के की रिसर्च में क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर स्टीव स्टर्न के द्वारा किए गए शोध को भी शामिल कर लिया गया, जिसमें टीमों के लिए शुरुआत में लक्ष्य का पीछा करते हुए विकेट बचाकर रखने के साथ-साथ तेजी से रन बनाने को भी शामिल किया गया है, जो कि टी20 मैचों के शुरू होने के बाद अहम बो गया। इसके बाद इसे DL की जगह DLS मैथड कहा जाने लगा। थ्री-डायमेंशनल है यह मैथड
यह मैथड थ्री-डायमेंशनल है, इसकी गणना रन, विकेट और ओवर पर आधारित होती है। मतलब पहली टीम के द्वारा पहली पारी में बनाए रनों के आधार पर X ओवर में Y विकेट पर Z रन बनना चाहिए। डकवर्थ-लुईस नियम का सार है संसाधन यानी रिसोर्स। क्रिकेट मैच में दौरान किसी भी समय टीम के रन बनाने की क्षमता 2 बातों पर निर्भर करती है कि पहला कितने ओवर या गेंद हैं और इसके साथ कितने विकेट हैं। इन्हीं 2 संसाधनों के आधार पर टीमें ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की कोशिश करती हैं। दूसरी टीम के लिए टारगेट सेट करने के लिए सबसे जरूरी आंकड़ा है पहली टीम का अंतिम स्कोर। पहली टीम ने ये स्कोर कितने ओवर में कितने विकेट के नुकसान पर खड़ा किया है इसका भी महत्व होता है। रिसोर्स पर आधारित है पूरी गणना

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