Sunday, July 14, 2024
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NEET पेपर लीक केस में बिहार पुलिस का नया खुलासा:आरोपियों के नाम पर जारी 6 चेक बरामद हुए; 30 लाख में पेपर बेचने का दावा

NEET UG भर्ती में गड़बड़ियों को लेकर बिहार पुलिस ने एक नया खुलासा किया है। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आरोपियों के नाम पर जारी 6 पोस्ट-डेटेड चेक बरामद किए हैं। ये जानकारी डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (EOU) मानवजीत सिंह ढिल्लों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दी है। ढिल्लों ने कहा, “जांच के दौरान EOU के अधिकारियों ने 6 पोस्ट-डेटेड चेक बरामद किए, जो आरोपियों के नाम पर जारी किए गए थे। इन्‍हीं लोगों पर NEET परीक्षा का पेपर लीक कर स्‍टूडेंट्स को 30-30 लाख रुपए में देने का आरोप है।” उन्होंने बताया कि टीम संबंधित बैंकों से खाताधारकों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पेपर लीक मामले में अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी
NEET UG पेपर लीक मामले में EOU ने अब तक चार कैंडिडेट्स और उनके परिवार के सदस्यों सहित 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी 13 आरोपी बिहार के रहने वाले हैं। पुलिस ने 9 कैंडिडेट्स को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया है। इनमें से 7 बिहार से और एक उत्तर प्रदेश और एक महाराष्ट्र से हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने माना-NEET परीक्षा में गड़बड़ी हुई
NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार गड़बड़ी की बात मानी है। उन्होंने रविवार 16 जून को कहा कि NEET के रिजल्ट में कुछ गड़बड़ियां हुईं हैं। जो भी बड़े अधिकारी इसमें शामिल पाए जाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने माना कि परीक्षा लेने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में सुधार की जरूरत है। प्रधान ने कहा कि NEET के संबंध में दो तरह की अव्यवस्था का विषय सामने आया है। पहला- शुरुआती जानकारी थी कि कुछ स्टूडेंट्स को कम समय मिलने के कारण ग्रेस नंबर दिए गए। दूसरा- दो जगहों पर कुछ अनियमितताएं सामने आई हैं। मैं छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त करता हूं कि इसे भी सरकार ने गंभीरता के साथ लिया है। दरअसल NEET की परीक्षा इसी साल 5 मई को हुई थी। इसमें 23 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। इस दौरान लोकसभा के चुनाव भी हो रहे थे। 4 जून को लोकसभा के साथ NEET का भी रिजल्ट जारी किया गया। इसमें 67 स्टूडेंट्स को पूरे 720 मार्क्स दिए गए। NEET की परीक्षा के इतिहास में पहली बार इतने छात्र टॉप स्कोरर रहे। इस पर कई स्टूडेंट्स ने सवाल उठाए। परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट समेत 7 अलग-अलग हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर हुई हैं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट एक साथ जोड़कर 8 जुलाई को सुनवाई करेगा। इनमें NEET पेपर लीक और CBI जांच की मांग वाली याचिकाएं भी शामिल हैं। 13 जून को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी इससे पहले 13 जून को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच में तीन याचिकाओं पर सुनवाई हुई थी। इस दौरान NTA ने कोर्ट को तीन बातें कहीं.. सुप्रीम कोर्ट में 4 याचिकाएं, जानिए इनमें अब तक क्या हुआ देशभर में स्टूडेंट्स का प्रदर्शन जारी
परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर 4 मार्च से ही स्टूडेंट्स रिजल्ट का विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस की स्टूडेंट विंग NSUI ने CBI जांच की मांग को लेकर रविवार को दिल्ली में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में भी प्रदर्शन हुए। छात्रों की मांग है कि परीक्षा फिर से करवाई जाए। पूरे विवाद पर 6 सवाल… 1. बिहार: 4 घंटे पहले माफिया तक कैसे पहुंचा पर्चा
पटना में जेल भेजे गए चार अभ्यर्थी यह कबूल कर चुके हैं कि उन्हें नीट परीक्षा से चार घंटे पहले प्रश्नपत्र और उत्तर मिल गया था। इसका प्रिंट आउट लिया गया और 5 मई को सुबह 10 बजे रटाना शुरू किया गया। पुलिस ने यहीं से जले प्रश्न पत्र और एक ही बुकलेट नंबर 6136488 की तीन कॉपी बरामद की हैं। पुलिस पेपर लीक का केस दर्ज कर चुकी है। सवाल है पर्चा आउट नहीं हुआ तो माफिया तक कैसे पहुंचा? माफिया ने पुलिस की रेड से पहले प्रश्नपत्रों को क्यों जला दिया? 2. गुजरात: गोधरा के 16 छात्रों ने 10-10 लाख दिए, सेंटर भी चुना
ओडिशा, कर्नाटक, झारखंड के 16 छात्रों को गुजरात के गोधरा में जय जलाराम स्कूल का मनचाहा सेंटर कैसे मिला, जबकि उनके राज्यों में सेंटर थे? नियम है कि छात्र 100-150 किमी दूर तक केंद्र चुन सकते हैं, जबकि यहां दूरी 1000 किमी से अधिक है? पुलिस 5 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। 2.30 करोड़ के 16 चेक बरामद हुए हैं। मुख्य आरोपी तुषार भट्‌ट ने कबूल किया है कि दूसरे राज्यों के 16 छात्रों से नीट परीक्षा पास कराने के लिए 10-10 लाख रुपए लिए थे। 3. हरियाणा: 504 छात्रों ने परीक्षा दी, किसी का समय बर्बाद नहीं हुआ
हरियाणा के झज्जर में हरदयाल पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल अंशु यादव ने कहा कि उनके यहां 504 छात्रों ने परीक्षा दी। किसी का एक मिनट बर्बाद नहीं हुआ। सवाल उठता है कि इन छात्रों को किस आधार पर समय बर्बाद होने के ग्रेस अंक दिए? अब ग्रेस अंक वापस लिए तो परीक्षा के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा? 4. NTA ने अचानक विंडो क्यों खोली
NTA ने नीट की आवेदन तारीख एक हफ्ते के विस्तार के बाद 16 मार्च को बंद कर दी थी। फिर अचानक 9 अप्रैल को एक दिन के लिए रजिस्ट्रेशन विंडो क्यों खोली गई? इस 24 घंटे में जिन छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया, उनमें से कितने छात्र क्वालिफाई हुए? क्या इनमें से कुछ टॉप रैंकर भी बने? 5. ग्रेस मार्क्स के लिए गवर्निंग बॉडी से मंजूरी ली गई
NTA ने समय खराब होने के चलते 6 सेंटर्स (मेघालय, बहादुरगढ़ (हरियाणा), दंतेवाड़ा, बालोद (छत्तीसगढ़‌), सूरत (गुजरात) और चंडीगढ़) के 1563 छात्रों को अलग-अलग ग्रेस मार्क्स दिए। क्या इसके लिए एनटीए की गवर्निंग बॉडी से मंजूरी ली गई थी? किस अधिकारी के फैसले पर क्लैट में समय खराब होने के बदले ग्रेस अंक के फॉर्मूले को नीट में अपनाया गया? जबकि क्लैट ऑनलाइन एग्जाम था और नीट ऑफलाइन हुआ था। 6. सुप्रीम कोर्ट में फैसला खिलाफ आया तो काउंसलिंग का क्या होगा सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को अपना जवाब देने के लिए अगली सुनवाई की तारीख 8 जुलाई दी है और नीट की काउंसिलिंग 6 जुलाई से शुरू हो रही है। अगर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने नीट परीक्षा के खिलाफ फैसला दिया या इस पर रोक लगाने का मुद्दा उठा तो काउंसिलिंग का क्या होगा?

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