Sunday, July 14, 2024
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UPPSC RO/ARO पेपर प्रिंटिंग प्रेस से हुआ लीक:1 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स हुए थे शामिल; एग्जाम के अगले दिन ही पेपर कैंसिल की उठी थी मांग

यूपी पुलिस STF ने समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (RO/ARO) एग्जाम पेपर लीक मामले में 6 आरोपियों को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया है। बीते रविवार STF ने एक बयान जारी कर बताया कि प्रयागराज जिले के कीडगंज में एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करने वाले सुनील रघुवंशी समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। STF को क्वेश्चन पेपर लीक का भोपाल से कनेक्शन मिला है। पेपर भोपाल की किसी प्रिंटिंग प्रेस में छपे थे। 6 आरोपियों की हुई गिरफ्तारी जिसमें सुनील रघुवंशी, भोपाल (मप्र), सुभाष प्रकाश, मधुबनी (बिहार), विशाल दुबे, प्रयागराज (यूपी), संदीप पाण्डेय, प्रयागराज (यूपी), अमरजीत शर्मा, गया (बिहार), विवेक उपाध्याय, बलिया (यूपी) शामिल हैं। एग्जाम से पहले ही वायरल होने की बात आई सामने
यूपी RO/ARO का एग्जाम 12 फरवरी 2024 को हुआ था। इसका नोटिफिकेशन 2023 में जारी किया गया था। इस एग्जाम के शुरू होने से पहले ही पेपर सोशल मीडिया पर वायरल होने की शिकायत मिली थी। इसके बाद इस एग्जाम को कैंसिल कर दिया गया था और यूपी STF को इसकी जांच सौंपी गई थी। STF के जारी बयान के मुताबिक, पेपर 11 फरवरी की सुबह प्रयागराज के एग्जाम सेंटर बिशप जॉन्सन गर्ल्स स्कूल एण्ड कॉलेज से लीक कराया गया था। इसके साथ ही जांच में ये शक हुआ कि पेपर एग्जाम सेंटर के अलावा कहीं और से भी लीक कराया गया हो सकता है। इस पर प्रिंटिंग प्रेस के बारे में जानकारी ली तो पता चला पेपर भोपाल से छपवाया गया था। इंजीनियरिंग कॉलेज के स्टूडेंट्स पेपर लीक मास्टरमाइंड
इंवेस्टिगेशन में सामने आया कि राजीव नयन मिश्रा, सुभाष प्रकाश, विशाल दुबे और सुनील रघुवंशी (प्रिटिंग प्रेस कर्मचारी) अलग-अलग प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़े थे। विशाल को जब पता चला कि उसके साथ का पढ़ा हुआ सुनील रघुवंशी प्रिटिंग प्रेस में नौकरी करता है, तो यह बात विशाल दुबे ने मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा उर्फ राहुल और सुभाष प्रकाश को बताई। विशाल दुबे ने सुनील रघुवंशी को पैसे का लालच देते यूपी में होने वाले किसी भी एग्जाम के क्वेश्चन पेपर छपने पर उसे बताने को कहा। पैसे के लालच में सुनील रघुवंशी तैयार हो गया और उसने प्रिटिंग प्रेस में एक क्वेश्चन पेपर छपने की बात उसको बता दी। राजीव नयन मिश्रा, विशाल दुबे और सुभाष प्रकाश ने इस प्रश्न पत्र को आउट कराने के लिए सुनील रघुवंशी को तैयार कर लिया। 10 लाख में बेचे क्वेश्चन पेपर
3 फरवरी 2024 को सुनील मौका देखकर प्रिटिंग प्रेस मशीन के एक पार्ट को बाहर ठीक कराने के नाम पर अपने पीने के पानी के बोतल के साथ लेकर प्रेस से आ गया। इन्हीं में क्वेश्चन पेपर छुपाकर बाहर लाया था। दोनों पेपर के लिए अलग-अलग नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया। कॉन्स्टेबल एग्जाम के लिए दिल्ली पुलिस के विक्रम पहल के नेटवर्क का इस्तेमाल किया और RO/ARO में यूपी पुलिस के एक सस्पेंड पुलिस अरुण सिंह और स्कूल डायरेक्टर शरद पटेल के नेटवर्क का यूज किया था। UPPSC ने ऑनलाइन मांगे थे सबूत
यूपीपीएससी ने 12 फरवरी को इसकी जांच एसटीएफ को सौंपी थी और पेपर वायरल होने की बात को लेकर कहा था कि यदि किसी को क्वेश्चन पेपर को लेकर कोई सबूत है, तो उसकी कॉपी शपथ पत्र के साथ पूरा नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर समेत ई-मेल आईडी roraro2023info@gmail.com पर 2 मार्च तक भेज सकते हैं। 1 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स हुए थे शामिल
RO के 334 और ARO के 77 कुल 411 पोस्ट के लिए 12 फरवरी 2024 को यूपी के 58 जिलों में 2387 सेंटर्स पर एग्जाम हुआ था। इस एग्जाम के लिए 10 लाख 76 हजार कैंडिडेट्स ने अप्लाई किया था, जिसमें से लगभग 64% कैंडिडेट्स ने एग्जाम दिया था। दावा किया गया था कि इस एग्जाम के पहले ही इसके जवाब वाट्सएप पर वायरल हो गए थे। कैंडिडेट्स ने कहा-पेपर लीक है, सरकार वीक है
​​​​​​​पेपर के अगले दिन ही यानी 13 फरवरी 2024 को कैंडिडेट्स ने लोक सेवा आयोग के बाहर प्रदर्शन किया था। ‘पेपर लीक है, सरकार वीक है’ के नारे लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंका था। इसके बाद ही पेपर को कैंसिल करने की मांग की गई थी। RO/ARO 2024 कैलेंडर भी जारी यूपीएससी ने 2024 RO/ARO नोटिफिकेशन कैलेंडर भी जारी कर दिया है।
इसका प्रीलिम्स एग्जाम 22 दिसंबर 2024 को लिया जाएगा। यूपीएससी ने 411 पोस्ट्स के लिए ये नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके एप्लीकेशन विंडो अभी ओपन नहीं की गई है।

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