Wednesday, May 22, 2024
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इम्पैक्ट फीचर:स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री रेडी बनाने के लिए पढ़ाने के साथ स्किल निखार रहा एनएमआईएमएस

अच्छे कॅरियर के लिए सिर्फ डिग्री नहीं बल्कि स्किल भी मायने रख रही है। यही कारण है कि कई बड़े शिक्षण संस्थानों से पढ़ाई करने वालों को मनचाहे सेक्टर में काम नहीं मिल पाता। लेकिन, दुनिया के टॉप-बी स्कूल्स में शामिल नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के इंदौर कैंपस में पढ़ाने के साथ-साथ स्टूडेंट्स की स्किल निखारने का भी काम किया जा रहा है। यही वजह है कि यहां से निकलने वाले स्टूडेंट्स देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो रहे हैं। मैनेजमेंट के साथ यहां इंजीनियरिंग, कॉमर्स और लॉ के कोर्स भी पढ़ाए जा रहे हैं। 1981 में मुंबई में नरसिमोंजी के बी-स्कूल की शुरुआत हुई। तब से अब तक दुनिया में इसका दबदबा कायम रहा है। 2017 में नरसिमोंजी ने मध्यप्रदेश की आर्थिक और शैक्षणिक राजधानी इंदौर में अपना कैंपस शुरू किया। यहां भी बाकी एनएमआईएमएस की तरह ही वर्ल्ड क्लास सुविधाएं जुटाई गई। बेस्ट फैकल्टी, बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर और शानदार लर्निंग एक्सपीरियंस मिल पा रहा है। वर्तमान में यहां मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, कॉमर्स और लॉ के
कोर्स हैं जिनमें देश के अलग-अलग शहरों के स्टूडेंट पढ़ने के लिए आए हैं। स्किल निखारने के लिए सीधे इंडस्ट्रीज का सहयोग लिया जा रहा है। देश की नामी इंडस्ट्रीज के प्रमुख पदाधिकारी बतौर गेस्ट फैकल्टी क्लास लेते हैं। स्टूडेंट्स को भी इन इंडस्ट्रीज में इंटर्नशिप का मौका दिया जा रहा है। स्टूडेंट्स को लर्निंग एक्सपीरियंस देने के लिए एक्सचेंज प्रोग्राम चलाए जाते है। फ्रांस और यूके की जानी-मानी यूनिवर्सिटी के बीच कोलेबोरेशन किया है। इसके तहत स्टूडेंट्स और फैकल्टीज इन यूनिर्सिटी के साथ मिलकर रिसर्च वर्क करते है। एआई, डेटा एनालिसिस, वेब एनालिटिक्स और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में वर्ल्ड क्लास रिसर्च चल रही है। हाल ही में दो प्रोजेक्ट को पेटेंट मिले हैं। फ्यूचर की डिमांड देखकर बनता है सिलेबस समय से आगे की सोच ने एनएमआईएमएस को बाकी संस्थानों से अलग पहचान दिलाई है। यहां पढ़ाया जाने वाला सिलैबस मौजूदा स्थितियों के साथ फ्यूचर की डिमांड को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। इसके लिए सभी एनएमआईएमएस मिलकर लगातार मार्केट रिसर्च करते रहते है। सिलेबस अपडेट करने में इंडस्ट्रीज और एलुमनी के भी सुझाव लिए जाते है। एनएमआईएमएस मुंबई सहित सभी एनएमआईएमएस में एक समान कोर्स
पढ़ाया जाता है। 60 से ज्यादा नियमित फैकल्टी इंदौर कैंपस के इंजीनियरिंग, लॉ और कॉमर्स स्कूल में वर्तमान में करीब 1700 स्टूडेंट है। इन्हें पढ़ाने के लिए 60 से ज्यादा हाइली एजुकेटेड रेगुलर फैकल्टी है। इनके अलावा इंडस्ट्रीज के सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स को भी लगातार बुलाया जाता है। 25 एकड़ के कैंपस में हर सुविधा
नरसिमोंजी का इंदौर कैंपस 25 एकड़ में फैला है। इस कैंपस में स्टूडेंट्स के लिए हर तरह की वर्ल्ड क्लास सुविधा जुटाई गई। एकेडमिक ब्लॉक में डिजिटल क्लासरूम्स, लाइब्रेरी, कॉन्फ्रेंस रूम, ऑडिटोरियम, एग्जाम कंट्रोल रूम, कैफेटेरिया हैं। स्पोर्ट्स के लिए भी बड़े प्लेग्राउंड्स के साथ इनडोर गेम्स की भी सुविधाएं है। इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के होस्टल गर्ल्स और बॉयज होस्टल्स में इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का पालन किया गया है। हर बिल्डिंग में लिफ्ट, कमरों में एसी है। इसके साथ जिम्नेशियम, इनडोर गेम, रीडिंग रूम, हाइजीनिक मैस, इमरजेंसी लाइट्स, लॉन्ड्री और मेडिकल फैसिलिटी भी दी जा रही हैं। एक क्लिक पर दुनियाभर की बुक्स लाइब्रेरी में हजारों बुक्स के साथ ही ई-लाइब्रेरी एक्सेस की सुविधा भी दी जा रही है।एनएमआईएमएस के स्टूडेंट्स देश-दुनिया की तमाम बुक्स एक क्लिक पर ही एक्सेस कर लेते हैं। कोविडकाल में एक भी दिन मिस नहीं हुई क्लास एजुकेशन को लेकर एनएमआईएमएस कितना गंभीर है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोविडकाल के दौरान एक भी दिन किसी भी कोर्स की क्लास मिस नहीं हुई। 24 मार्च 2022 को जब देश में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा हुई उसके कुछ ही देर बाद सभी स्टूडेंट्स को लॉगइन आईडी और पासवर्ड दे दिए गए। 25 मार्च की सुबह 8.30 बजे से ही ऑनलाइन क्लासेस लगने लगी। इन क्लासेस में सौ फीसदी उपस्थिति रही। एडवांस्ड कम्प्यूटर लैब
एनएमआईएमएस में लेटेस्ट कम्प्यूटर्स और सॉफ्टवेयर वाली एडवांस्ड कम्प्यूटर लैब है। यहां स्टूडेंट्स के साथ फैकल्टी मेंबर्स भी प्रोजेक्ट वर्क और रिसर्च करते हैं। पसंद के सेक्टर में हो रहा प्लेसमेंट कैंपस प्लेसमेंट के लिए हर साल बड़ी संख्या में कंपनियां एनएमआईएमएस आती रही है। कई मल्टीनेशनल कंपनियां लाखों के पैकेज पर स्टूडेंट्स को हायर कर रही हैं। स्टूडेंट्स को उनकी पसंद के अनुसार निर्धारित सेक्टर में ही प्लेसमेंट सुनिश्चित कराने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है। फर्स्ट ईयर से ही पर्सनालिटी डेवलपमेंट और कम्युनिकेशन स्किल को बेहतर बनाने पर काम किया जाता है। स्टार्टअप्स की मेंटरिंग भी
प्लेसमेंट दिलाने के साथ यंग इनोवेटर्स और भावी आंत्रप्रेन्योर के लिए भी एनएमआईएमएस में मेंटरिंग प्रोग्राम्स चलाए जा रहे है। यहां इंडस्ट्रीज से जुड़े प्रोफेशनल्स का गाइडेंस प्रदान किया जाता है। ट्रांसपोर्टेशन : फर्स्ट ईयर के लिए रेसिडेंशियल कोर्स होने के बावजूद स्टूडेंट्स को क्लासेस के बाद मार्केट, मॉल जाने की आजादी है। पैरेंट्स की सहमति पर स्टूडेंट्स सप्ताह में सातों दिन बाहर जाने के लिए स्वतंत्रत है। निर्धारित समय तक उन्हें लौटना अनिवार्य रहता है। सैलून, जिम्नेशियम, डिपार्टमेंटल स्टोर भी शहर से दूर होने के कारण एनएमआईएमएस कैंपस में ही सभी सुविधाएं जुटाई गई है। बॉयज होस्टल में सैलून है तो गर्ल्स होस्टल में ब्यूटी पार्लर की सुविधा दी गई है। इन होस्टल्स में 24 घंटे खुला रहने वाला जिम्नेशियम और रात 10 बजे तक खुलने वाला डिपार्टमेंटल स्टोर है। यहां रोजमर्रा की जरूरतों की सभी चीजें उपलब्ध रहती है। देर रात तक पढ़ने वालों के लिए लेट नाइट कैफेटेरिया भी है। 1. सीएस एवरग्रीन, डिमांड में है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
इंजीनियरिंग करने वालों के लिए 4 वर्षीय बीटेक कम्प्यूटर साइंस बीटेक इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डाटा साइंस के साथ 5 वर्षीय एमबीए टेक कम्प्यूटर इंजीनियरिंग भी कराया जा रहा है। ये तीनों की कोर्स इस समय काफी डिमांड में है। इंजीनियरिंग के लिए कम्प्यूटर साइंस का कटऑफ हमेशा से ही हाई रहता है। हाल ही में एआई प्रोफेशनल्स की बढ़ती मांग के कारण बीटेक इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डाटा साइंस ग्रेजुएट्स की भी डिमांड बन गई है। इंजीनियरिंग करने के बाद कई स्टूडेंट एमबीए करते है। ऐसे स्टूडेंट्स को ध्यान में रखते हुए ही एमबीए टेक कम्प्यूटर इंजीनियरिंग कोर्स तैयार किया गया। इसमें इंजीनियरिंग के साथ ही मैनेजमेंट की भी पढ़ाई हो जाती है। 2. स्कूल ऑफ कॉमर्स में बीबीए ऑनर्स और बीकॉम ऑनर्स है। इनके लिए ब्लूमबर्ग सर्टिफिकेट कोर्स भी कराया जाता है। आमतौर पर कैंपस प्लेसमेंट में बीकॉम और बीबीए ग्रेजुएट्स को हायर करने कम कंपनियां आती है लेकिन, एनएमआईएमएस के इंडस्ट्री रेडी सिलेबस के कारण यहां के ग्रेजुएट्स को हाथों हाथ प्लेसमेंट मिल रहे हैं। 3. स्कूल ऑफ लॉ के बीए एलएलबी और बीबीए एलएलबी में एडमिशन के लिए देशभर के स्टूडेंट्स के बीच कॉम्पिटीशन है। रेगुलर फैकल्टी के साथ सीनियर एडवोकेट्स भी यहां क्लास लेने आते है। नियमित अंतराल में मूट कोर्ट की प्रैक्टिस कराई जाती है। इसमें जजेस और सीनियर एडवोकेट्स के सामने दलीलें पेश की जाती है। डिपार्टमेंट की टीमें देश में हुई कई मूट कोर्ट कॉम्पिटीशन में जीत चुके हैं। इन कोर्स में देशभर के स्टूडेंट
– बीटेक
– बीटेक+एमबीए
– बीबीए ऑनर्स
– बीकॉम ऑनर्स
– बीए एलएलबी ऑनर्स
बीबीए एलएलबी ऑनर्स गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए एनएमआईएमएस का नाम दुनिया में पहचाना जाता है। वक्त के अनुसार कोर्स और पढ़ाने के तौर-तरीकों में बदलाव करने से हम लगातार बेस्ट आउटपुट दे रहे हैं और आगे भी देते रहेंगे। यही कारण है कि वैश्विक मंदी के बीच भी हमारे स्टूडेंट्स पसंदीदा सेक्टर में अच्छे पैकेज पा रहे हैं। एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटी पर भी पूरा ध्यान दिया जाता है। इसके लिए 20 क्लब्स बनाए गए हैं। पढ़ाई के साथ कैंपस में टॉप क्लास स्पोर्ट्स फैसिलिटी भी है।
– डॉ.अंशुमान जैसवाल, डायरेक्टर, एनएमआईएमएस इंदौर कैंपस एडमिशन के लिए 20 मई तक कर सकेंगे आवेदन एनएमआईएमएस के किसी भी कोर्स में एडमिशन के लिए आवेदन 20 मई तक ही किए जा सकेंगे। स्टूडेंट्स ऑनलाइन या फिर ऑफलाइन मोड से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। रजिस्टर्ड स्टूडेंट को निर्धारित सेंटर पर ऑनलाइन टेस्ट देना होगा। इसकी मेरिट के आधार पर स्टूडेंट्स को सीटें अलॉट की जाएंगी। पहले सेमेस्टर में ही रखी जा रही इंडस्ट्री रेडी टेक्नोक्रेट की नींव
– प्रदेश में इंजीनियरिंग के लिए पहली पसंद बना एनएमआईएमएस, इंदौर. देश का प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान एनएमआईएमएस (नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज), इंदौर कम समय में ही हजारों स्टूडेंट्स का ड्रीम कैंपस बन गया है। टॉप फैकल्टी और वर्ल्ड क्लास फैसिलिटी के कारण देशभर के स्टूडेंट यहां पढ़ने आ रहे हैं। इंजीनियरिंग के लिए यहां चलाए जा रहे कोर्स की इंडस्ट्री में डिमांड को देखते हुए बीई के लिए प्रदेश के टॉप इंस्टीट्यूट में यह पहली पसंद बन चुका है। 4 वर्षीय बीटेक कम्प्यूटर साइंस में 120 और बीटेक इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डाटा साइंस में 60 सीटें है। इसके साथ ही यहां 5 वर्षीय एमबीए टेक कम्प्यूटर इंजीनियरिंग भी कराया जा रहा है जिसमें स्टूडेंट्स को शुरुआती तीन साल इंजीनियरिंग और बाद में मैनेजमेंट की पढ़ाई कराई जाती हैं। इस कोर्स में 60 सीटें हैं। स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के एसोसिएट डीन डॉ. विकास खरे ने बताया, इंडस्ट्री की जरूरत के अनुसार हम लगातार सिलेबस अपडेट करते रहते है। इसके लिए एनएमआईएमएस की फैकल्टीज, बोर्ड ऑफ स्टडीज, एकेडमिक काउंसिल, इंडस्ट्रीयल एक्सपर्ट्स और एलुमनी से भी इनपुट लिए जाते है। इंडस्ट्री की जरूरत को देखकर बनाए सिलेबस से पहले सेमेस्टर से ही इंडस्ट्री रेडी टेक्नोक्रेट्स की नींव मजबूत हो जाती है। एआई, डेटा एनालिसिस, वेब एनालिटिक्स और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में वर्ल्ड क्लास रिसर्च चल रही है। हाल ही में दो प्रोजेक्ट को पेटेंट मिले हैं। वैश्विक मंदी के बीच मिले लाखों के पैकेज
मौजूदा वैश्विक मंदी के कारण जहां कई कॉलेज और यूनिवर्सिटी में कंपनियां कैंपस प्लेसमेंट करने से बच रही है, उसी दौरान एनएमआईएमएस के स्टूडेंट्स को लाखों रुपए के पैकेज मिल रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डाटा साइंस के ग्रेजुएट्स के लिए दुनियाभर की कंपनियों के दरवाजे खुले हुए हैं। एमबीए टेक कम्प्यूटर इंजीनियरिंग के कॉम्बो पैकेज से तैयार हो रहे प्रोफेशनल्स को भी इंडस्ट्रीज हाथों हाथ ले रही हैं। ऐसे होगा एडमिशन
एनएमआईएमएस में एडमिशन के लिए ऑनलाइन एनएमआईएमएस-सीईटी होती है। इसके रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन या ऑफलाइन (कैंपस या अधिकृत सेंटर पर) कराए जा सकते हैं। सीईटी की मेरिट पर सीट अलॉट की जाती है। बाकी सीटों पर जेईई एडवांस की मेरिट के आधार पर एडमिशन दिए जाते है। लाखों के पैकेज पा रहे कॉमर्स ग्रेजुएट, लॉ प्रोफेशनल्स की भी डिमांड
– कॉरपोरेट एमओयू, एक्सचेंज प्रोग्राम और प्लेसमेंट ने एनएमआईएमएस के स्कूल ऑफ कॉमर्स औरस्कूल ऑफ लॉ को बनाया वर्ल्ड क्लास इंदौर. एनएमआईएमएस (नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज), इंदौर के इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट के साथ बीबीए और बीकॉम जैसे कोर्स भी डिमांड में हैं। कॉमर्स स्ट्रीम के ग्रेजुएट्स को भी लाखों रुपए के पैकेज मिल रहे हैं। इसी तरह हाल ही में शुरू हुए लॉ के कोर्सेस में भी देशभर के स्टूडेंट है। कॉर्पोरेट एमओयू, एक्सचेंज प्रोग्राम और अच्छे प्लेसमेंट ने एनएमआईएमएस के स्कूल ऑफ कॉमर्स और स्कूल ऑफ लॉ को वर्ल्ड क्लास बना दिया है।
एनएमआईएमएस में स्कूल ऑफ कॉमर्स के 4 वर्षीय बीबीए ऑनर्स में 180, बीकॉम ऑनर्स में 60, स्कूल ऑफ लॉ के पांच वर्षीय बीबीए एलएलबी ऑनर्स और बीए एलएलबी ऑनर्स में 60-60 सीटें है। कॉमर्स स्टूडेंट्स के लिए ब्लूमबर्ग सर्टिफिकेट कोर्स कम्पल्सरी किया गया है। हर लैक्चर स्मार्ट क्लासरूम में लगता है और क्लास के तुरंत बाद स्टूडेंट्स को ई-मेल पर नोट्स मिल जाते हैं। स्कूल ऑफ कॉमर्स के डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने बताया, नरसी मोंजी के सभी कैंपस में पढ़ने वाले हर स्टूडेंट को बेस्ट अपॉर्चुनिटी देने को मल्टीकैंपस कोऑर्डिनेशन के लिए नियमित अंतराल पर ऑनलाइन मीटिंग्स होती हैं। सभी कैंपस में समान सिलेबस पढ़ाया जाता है। यही कारण है कि बीकॉम ग्रेजुएट्स को प्रोफेशनल कोर्स करने वालों के बराबर के पैकेज मिल रहे है। जज, एडवोकेट्स कराते हैं मूट कोर्ट
एनएमआईएमएस के लॉ के दोनों कोर्सेस (बीए एलएलबी और बीबीए एलएलबी) के स्टूडेंट्स देश में हुई कई मूट कोर्ट कॉम्पिटीशंस में झंडे गाढ़ चुके हैं। पढ़ाई के दौरान ही कोर्ट की कार्यप्रणाली समझाने के लिए समय-समय पर स्कूल ऑफ लॉ में मूट कोर्ट लगती है जिसमें जज और सीनियर एडवोकेट्स भी मौजूद रहते है। स्कूल ऑफ लॉ के डॉ.आशुतोष हजेला ने बताया, कॉर्पोरेट वर्ल्ड में भी लॉ प्रोफेशनल्स की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही हैं। कैंपस प्लेसमेंट के लिए कई कंपनियां अप्रोच कर रही हैं।

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