Saturday, June 15, 2024
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क्रिकेट का पहला मॉड्यूलर स्टेडियम जहां होगा भारत-पाक मैच:ऑस्ट्रेलिया में पिच बनी, फॉर्मूला-1 का स्टैंड लगाया गया

8 बार के ओलिंपिक गोल्ड विनर उसेन बोल्ट क्रिकेट ग्राउंड में बैट लिए खड़े हैं। सामने से कोई उन्हें बॉलिंग करता है और वे उसे डिफेंड कर देते हैं। उनके बगल में वेस्टइंडीज के नामी फास्ट बॉलर रहे कोर्टनी वाल्श भी हैं। ये सब न्यूयॉर्क में हो रहा है। जी हां, न्यूयॉर्क के नसाउ काउंटी के क्रिकेट स्टेडियम में, जहां 9 जून को भारत-पाकिस्तान का मैच होना है। इस मेकशिफ्ट स्टेडियम को करीब 250 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है। टी-20 वर्ल्ड कप की शुरुआत 2 जून को अमेरिका और वेस्टइंडीज में होने जा रही है। 21 मई को उसेन बोल्ट ने ही न्यूयॉर्क के इस टेम्पररी स्टेडियम का उदघाटन किया था। इसमें ऑस्ट्रेलिया में बनी पिच का इस्तेमाल होगा। वहीं दर्शकों के बैठने के लिए फॉर्मूला-1 के स्टैंड को लगाया गया है। यहां भारत-पाक मैच के साथ-साथ वर्ल्ड कप के कुल 8 मैच खेले जाने हैं। नसाउ काउंटी स्टेडियम के बारे में डिटेल से जानते हैं… इसे क्यों कहते हैं मॉड्यूलर स्टेडियम?
नसाउ काउंटी स्टेडियम क्रिकेट का पहला मॉड्यूलर स्टेडियम है। यानी इसकी पिच, स्टैंड आदि एक टूर्नामेंट के लिए असेंबल किए गए। मॉड्यूलर स्टेडियम में स्टील और आसानी से असेंबल हो जाने वाले एलिमेंट्स का इस्तेमाल होता है। इससे ग्राउंड खड़ा करने में समय और पैसा दोनों की बचत होती है। नसाउ स्टेडियम में बरमूडा घास भी लगाई गई, जो बेसबॉल और फुटबॉल ग्राउंड में लगती है। वर्ल्ड कप के बाद इस स्टेडियम को फिर से एक पार्क में कन्वर्ट कर दिया जाएगा। यानी यह एक टेम्पररी स्टेडियम है, जिसका इस्तेमाल क्रिकेट के अलावा बाकी स्पोर्ट्स खेलने के लिए भी किया जा सकता है। क्यों बनाया मॉड्यूलर स्टेडियम?
समय की कमी और एनवायरमेंट सस्टेनिब्लिटी दो अहम कारण थे। कम्पनी को छह महीने में स्टेडियम तैयार करना था। इतने कम समय में मॉड्यूलर स्टेडियम के अलावा कोई विकल्प नहीं था। मॉड्यूलर स्टेडियम बनने से ग्राउंड के आस-पास के एनवायरमेंट पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ा। टूर्नामेंट के बाद इस ग्राउंड को टूर्नामेंट से पहले की अवस्था में लोकल कम्यूनिटी को वापस दे दिया जाएगा। मॉड्यूलर स्टेडियम को मैंटेन करने में कम पैसा लगता है। क्योंकि एक बार काम होने के बाद इसे खाली जमीन के रूप में रखा जा सकता है। जिसे मैंटेन करने की जरूरत ही नहीं। जिन शहरों में कई सालों में 1-2 स्पोर्ट्स एक्टिविटीज ही होती हैं, वहां मॉड्यूलर ग्राउंड का कॉन्सेप्ट तेजी से बढ़ रहा है। कैपेसिटी कितनी रहेगी?
न्यूयॉर्क के स्टेडियम में 34 हजार दर्शक बैठ सकेंगे। स्टेडियम में सामान्य स्टैंड के अलावा वीआईपी लाउंज और प्रेस बॉक्स भी तैयार किया गया है। ड्रॉप-इन पिच का इस्तेमाल हो रहा
नसाउ के मॉड्यूलर स्टेडियम में ड्रॉप-इन पिच का इस्तेमाल किया जाएगा। कुल 10 पिचें ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड शहर में बनाई गई। करीब 30 टन वजनी पिच को पिछले साल दिसंबर में समुद्र के रास्ते अमेरिका के फ्लोरिडा शहर पहुंचाया गया। फ्लोरिडा में 5 महीने तक पिच को तैयार किया और मई में नसाउ स्टेडियम में फिट कर दिया। 10 पिच को सड़क के रास्ते फ्लोरिडा से न्यूयॉर्क पहुंचाने में करीब 4 दिन का समय लगा। इसके लिए 30 टन से ज्यादा वर्कलोड उठाने वाले ट्रक और कंटेनर का इस्तेमाल किया गया। इस दौरान आम जनता के लिए सड़क को बंद कर दिया गया था ताकि पिच ट्रांसपोर्टेशन में कम टाइम लग सके। ड्रॉप-इन पिच क्यों लगाई गई?
टी-20 वर्ल्ड कप के लिए स्टेडियम और पिच तैयार करने के लिए बोर्ड को बहुत कम समय मिला। इसलिए ड्रॉप-इन पिच को ऑस्ट्रेलिया में बनाकर अमेरिका पहुंचाया गया। पिच को एडिलेड ओवल टर्फ सॉल्यूशन कम्पनी ने अमेरिका की ही द लैंडटेक कम्पनी के साथ बनाया। इस प्रोजेक्ट को एडिलेड स्टेडियम के हेड पिच क्यूरेटर डैमियन हॉग ने लीड किया। ICC के इवेंट हेड क्रिस टेटली ने कहा था, ‘पिच को न्यूयॉर्क की बजाय 5 महीने तक फ्लोरिडा में इसलिए रखा गया क्योंकि न्यूयॉर्क का मौसम पिच को तैयार रखने लायक नहीं है। वहां पिच रखते तो ठंड के कारण सारी मेहनत बेकार चली जाती लेकिन फ्लोरिडा में पिच तैयार करने के लिए मौसम बिलकुल सही था।’ क्रिकेट में नया नहीं है ड्रॉप-इन पिचों का इस्तेमाल
टी-20 वर्ल्ड कप में लगातार दूसरी बार ड्रॉप-इन पिच का इस्तेमाल होगा। ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड ओवल मैदान पर ड्रॉप-इन पिच का इस्तेमाल 2013 से हो रहा है, यहां 2022 के टी-20 वर्ल्ड कप मैच हुए थे। न्यूजीलैंड में ऑकलैंड के ईडन पार्क स्टेडियम में भी ड्रॉप-इन पिच ही लगाई गई है। यहां 2015 वनडे वर्ल्ड कप के मैच हुए थे। न्यूयॉर्क स्टेडियम में कितने मैच होंगे?
नसाउ स्टेडियम में भारत-पाकिस्तान के बीच मुकाबले के साथ ग्रुप स्टेज के कुल 8 मैच खेले जाएंगे। 3 जून को साउथ अफ्रीका और श्रीलंका के बीच मैच से स्टेडियम की शुरुआत होगी। यहां एक जून को भारत-बांग्लादेश के बीच वॉर्म-अप मैच भी खेला जाएगा। डलास में भी पिछले साल ही तैयार हुआ स्टेडियम
अमेरिका में न्यूयॉर्क के अलावा डलास और फ्लोरिडा शहर में भी टी-20 वर्ल्ड कप के 4-4 मैच होंगे। डलास का ग्रैंड प्रैरी स्टेडियम भी साल 2023 में बनकर तैयार हुआ, यहां मेजर लीग क्रिकेट के मैच हुए। स्टेडियम में पहले बेसबॉल के मैच होते थे। वहीं फ्लोरिडा का स्टेडियम 2007 में बना, लेकिन वहां भी क्रिकेट से पहले रग्बी और फुटबॉल के मैच हो चुके हैं। इन स्पोर्ट्स में भी मॉड्यूलर स्टेडियम का यूज होता है
फॉर्मूला-1, मोटो जीपी, ओलिंपिक, मैराथन, बेसबॉल के साथ फुटबॉल में अब तक मॉड्यूलर स्टेडियम का इस्तेमाल हो चुका है। भारत में इसी साल फरवरी में इंडियन सुपरक्रॉस रेसिंग लीग का पहला सीजन हुआ। इसमें भी मॉड्यूलर ग्राउंड बनाया गया, जिसे तैयार करने में करीब 15 दिन का समय लगा। कॉम्पिटिशन खत्म होने के 3 दिन बाद ही उसे फिर से सामान्य जमीन के रूप में कन्वर्ट भी कर दिया गया। **** ग्राफिक्स: कुणाल शर्मा ——————————– वर्ल्ड कप इंडेप्थ रिपोर्ट पार्ट-1 में पढ़िए…
अमेरिका में पहली बार टी-20 वर्ल्ड कप: 20 टीमें, टेम्पररी स्टेडियम, ऑस्ट्रेलिया की पिच; टूर्नामेंट से जुड़ीं 6 नई बातें टी-20 वर्ल्ड कप की मेजबानी इस बार अमेरिका और वेस्टइंडीज को मिली है। ICC का एसोसिएट बोर्ड अमेरिका पहली बार किसी भी ICC टूर्नामेंट की होस्टिंग करेगा। साथ ही इतिहास में पहली बार 2 क्रिकेट बोर्ड को टी-20 वर्ल्ड कप मेजबानी मिली है। इससे पहले 8 बार हुए टी-20 वर्ल्ड कप में हर बार एक ही क्रिकेट बोर्ड ने मेजबानी की। पढ़ें पूरी खबर…

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