Wednesday, June 19, 2024
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भारत के खिलाफ खेलेंगे मुंबई में जन्मे सौरभ:अमेरिका की पाकिस्तान पर जीत के हीरो, पिता बोले- जीते देश और बेटा इंडियन स्टार्स के विकेट ले

सौरभ नेत्रवल्कर…मुंबई जन्मे और अमेरिका के लिए क्रिकेट खेल रहे इस क्रिकेटर का नाम सुर्खियों में हैं। 32 साल के इस गेंदबाज ने टी-20 वर्ल्ड कप के इस मैच में पाकिस्तान से जीत छीन ली। सौरभ ने फखर जमान, इफ्तिखार अहमद और शादाब खान जैसे बिग हिटर्स को सुपर ओवर में 18 रन नहीं बनाने दिए। सौरभ 2008 की कूच बिहार ट्रॉफी में 30 विकेट लेकर सुर्खियां बटोर चुके हैं। वे 2010 में भारत के लिए अंडर-19 वर्ल्ड कप भी खेल चुके हैं। इस टीम में केएल राहुल, हर्षल पटेल और मयंक अग्रवाल जैसे प्लेयर्स भी थे। सौरभ का परिवार मुंबई में ही रहता है। सौरभ आज भारत के खिलाफ मैदान में उतरेंगे। सौरभ के पिता और बहन सपोर्ट तो इंडिया का कर रहे हैं, लेकिन वो चाहते हैं अमेरिका की ओर से सौरभ का प्रदर्शन सबसे बेहतर हो। दैनिक भास्कर ने सौरभ के पिता नरेश और बहन निधि से बातचीत की… सौरभ USA से खेल रहे हैं? आप इसे किस तरह से देखते हैं?
पिता- सौरभ जब 10 साल के थे, तब से ही क्रिकेट खेलना शुरू किया। मुंबई के लिए सभी ऐज ग्रुप में खेला चुका है। अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17 और अंडर-19। अंडर-19 में कूच बिहार ट्रॉफी में हाईएस्ट विकेट टेकर थे। उसके बाद उनका चयन 2009-10 में हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए चुने गए। न्यूजीलैंड में हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप में क्ववार्टर फाइनल में पाकिस्तान से ही हारे थे। उस मैच में सौरव ने 5 ओवर में 16 रन दिए थे। एक ओवर मेडन था। USA और इंडिया भिड़ेंगी आप किस टीम का सपोर्ट करेंगे?
जवाब- मैं चाहूंगा कि टीम इंडिया जीते पर एक पिता के तौर पर चाहूंगा कि मेरा बेटा अच्छा प्रदर्शन करे और इंडिया के प्रमुख बल्लेबाजों का विकेट ले। सौरभ कई इंडियन प्लेयर्स के साथ खेल चुका है। सूर्य कुमार यादव के साथ वह मुंबई के लिए खेल चुका है। सौरभ को USA क्यों जाना पड़ा?
पिता- सौरभ पहले ही कह चुके थे दो साल क्रिकेट में संभावनाओं को तलाशेंगे अगर मौका नहीं मिलता है तो मास्टर इन कंप्यूटर साइंस करने के लिए USA जाएंगे। मैंने सौरभ से कहा था कि क्रिकेट के लिए इतनी मेहनत की है। कुछ साल और देख लो। मुंबई से सौरव ने रणजी में डेब्यू भी किया। पर परमानेंट जगह नहीं बना पाए। कंपीटिशन भी बहुत था। तब सौरभ ने कहा कि अब मैं पढ़ाई पर फोकस करता हूं। वह पहले से ही प्लान बी तैयार कर रहा था। टी-20 वर्ल्ड कप में उनके प्रदर्शन पर आप क्या कहना चाहेंगे?
पिता- 2018 से USA के लिए खेल रहे हैं। कैप्टन भी रह चुके हैं। वह सीनियर प्लेयर थे। उनके ऊपर ही सुपर ओवर की जिम्मेदारी थी। मुंबई में जब बेटी के साथ टीवी पर मैच देख रहा था, तब हम ज्यादा टेंशन में थे, पर सौरव को देखकर लगा नहीं कि वह टेंशन में है। वह सोच कर बॉलिंग कर रहा था। वह ORACLE में जॉब करते हैं, क्रिकेट को कैसे मैनेज किया?
जवाब- कंपनी ने उसको घर से काम करने की सहूलियत दे रखी है। वह मैच होने के बाद अपना काम करते हैं। वह हमेशा अपना लैपटॉप कैरी करते हैं। मुंबई में थे तो क्रिकेट के प्रैक्टिस के वक्त किताब और कॉपी लेकर जाते थे। लोकल में जाने में जो एक-दो घंटे का समय लगता था, उस दौरान स्कूल का अपना होम वर्क करते थे। क्या आप लोग अमेरिका शिफ्ट होंगे?
जवाब- यहां का कल्चर और वहां का कल्चर अलग है। यहां का जो सोशल नेटवर्क है, उसे छोड़ कर जाना मुश्किल है। हमारी पूरी फैमिली तो वहां नहीं जाएगी। हां वो शायद वहां सेटल हो सकता है।
भारतीय खिलाड़ी में कौन उनके फेवरेट हैं?
जवाब- विराट कोहली को वह फिटनेस की वजह से पसंद करता है। उनकी तरह वह दो साल से वीगन हो गया है। सचिन तेंदुलकर उनके फेवरेट हैं। उसने तेंदुलकर को नेट्स पर बॉलिंग भी की है। फास्ट बॉलर की बात किया जाए तो वह वसीम अकरम को फॉलो करते हैं। उनको देखकर ही बॉलिंग करना सीखा है। पाकिस्तान से मुकाबले के बाद सौरभ की पोस्ट… अब सौरभ की बहन निधि से बातचीत, निधि Oracle में ही एडवरटाइजिंग डिपार्टमेंट में हैं… पाकिस्तान के खिलाफ मैच में सुपर ओवर के वक्त मन में क्या चल रहा था?
निधि- मैं और पापा घर पर मम्मी और भाभी स्टेडियम में मैच देख रही थीं। सुपर ओवर के वक्त हम खड़े हो गए थे। ऐसा लग रहा था कि हम ग्राउंड में हैं। भाई शांत था और हम प्रेशर महसूस कर रहे थे। उस जीत का मोमेंट शायद ही हम कभी भूल पाएं। अब लगातार फोन आ रहे हैं। लोग मिलने आ रहे हैं। भाई को स्कूल के टीचर, उसके दोस्त, सबने क्रिकेट में सपोर्ट किया है। मैं क्रिकेट लवर नहीं हूं। भाई के लिए क्रिकेट देखती हूं और वो ही मेरा फेवरेट क्रिकेटर है। आप किसे सपोर्ट करेंगी, इंडिया या अमेरिका?
निधि- मैं चाहूंगी की मैच टीम इंडिया जीते, बल्कि टीम इंडिया वर्ल्ड कप जीते। सौरव का परफॉर्मेंस अच्छा रहे। भाई को क्रिकेट और पढ़ाई दोनों में काफी इंटरेस्ट था। जिस साल अंडर-19 वर्ल्ड कप था, उसी साल उसका 12 वीं बोर्ड भी था। वर्ल्ड कप के बाद भाई ने 12वीं की परीक्षा दी और 90 प्रतिशत नंबर आए थे। टूर्नामेंट की वजह से आईआईटी का एग्जाम नहीं दे पाए। अगर दे पाते तो मुझे भरोसा है कि वह उसे भी क्लियर कर लेते। इंडियन लीजेंड्स के साथ सौरभ के फोटो

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