Saturday, June 15, 2024
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EduCare न्यूज:NTA ने जारी किया UGC-NET जून 2024 सेशन का पूरा शेड्यूल, एग्जाम से 10 दिनों पहले जारी होगी सिटी स्लिप

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने UGC NET 2024 एग्जाम का शेड्यूल जारी कर दिया है। UGC NET यानी यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट 2024 जून सेशन का पूरा शेड्यूल ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.ac.in पर चेक कर सकते हैं। UGC NET एग्जाम 18 जून को दो शिफ्टों में होगा। मॉर्निंग शिफ्ट में सुबह 9:30 बजे से 12:30 बजे तक होगा। वहीं, सेकेंड शिफ्ट में दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक 41 सब्जेक्ट्स का एग्जाम होगा। एग्जाम से 10 दोनों पहले जारी होगी सिटी स्लिप
NTA ने कहा है कि एग्जाम से ठीक 10 दिन पहले सिटी स्लिप जारी की जाएगी। सिटी स्लिप में एग्जाम सेंटर की लोकेशन होगी। ऐसे में कैंडिडेट्स को किसी दूसरे शहर में एग्जाम सेंटर अलॉट किया जाता है, तो उन्हें सेंटर तक पहुंचने की प्लानिंग करने में आसानी हो इसलिए सिटी स्लिप जल्दी जारी कर दी जाएगी। सिटी स्लिप के बाद एडमिट कार्ड जारी कर दिए जाएंगे। इस साल 83 सब्जेक्ट्स में जूनियर रिसर्च फेलोशिप, असिस्टेंट प्रोफेसर और PhD प्रोग्राम में एडमिशन के लिए पेन-पेपर मोड में UGC NET एग्जाम लिया जाएगा। UGC NET जून 2024 एग्जाम पैटर्न
UGC NET जून 2024 एग्जाम में दो पेपर होंगे – पेपर 1 और पेपर 2। दोनों पेपर्स को सॉल्व करने के लिए कुल मिलाकर 3 घंटे का समय मिलेगा। दोनों पेपर में ऑब्जेक्टिव टाइप मल्टीप्ल चॉइस सवाल होंगे। पेपर 1 में 50 सवाल और पेपर 2 में 100 सवाल होंगे। एग्जाम में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। दोनों पेपर्स के बीच में ब्रेक नहीं मिलेगा। UGC NET स्कोर के बेसिस पर मिलेगा PhD प्रोग्राम में एडमिशन
UGC के नए सर्कुलर के मुताबिक अब यूनिवर्सिटी लेवल पर होने वाले PhD एंट्रेंस टेस्ट के जरिए PhD प्रोग्राम में एडमिशन नहीं मिलेगा। वहीं, यूनिवर्सिटीज अलग से PhD प्रोग्राम में एडमिशन के लिए एंट्रेंस टेस्ट भी कंडक्ट नहीं कर सकेंगी। अब NET स्कोर के बेसिस पर ही यूनिवर्सिटीज में PhD में एडमिशन ले सकेंगे। इसी स्कोर के जरिए ही JRF (जूनियर रिसर्च फेलोशिप) और असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए भी सिलेक्शन होगा। इस स्कोर के बेसिस पर 1 साल तक किसी भी यूनिवर्सिटी में PhD प्रोग्राम में एडमिशन के लिए अप्लाय कर सकेंगे। NET के रिजल्ट के बाद स्कोर के बेसिस पर स्टूडेंट्स को तीन कैटेगरीज में बांटा जाएगा : कैटेगरी 1 : JRF के साथ असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर अपॉइंटमेंट कैटेगरी 2 : PhD और असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर अपॉइंटमेंट कैटेगरी 3 : PhD में एडमिशन स्टूडेंट्स को नहीं देने होंगे अलग-अलग एंट्रेंस एग्जाम
सिर्फ NET के जरिए PhD प्रोग्राम में एडमिशन से स्टूडेंट्स को अलग-अलग यूनिवर्सिटीज के अलग-अलग PhD एंट्रेंस एग्जाम नहीं देने होंगे। इससे एग्जाम के रजिस्ट्रेशन के लिए लगने वाली फीस की बचत भी होगी। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP, 2020) के तहत एक कॉमन एग्जाम होने से एडमिशन प्रोसेस आसान होगी और स्टूडेंट्स को बार-बार एग्जाम देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साल में दो बार एडमिशन लेने का मौका मिलेगा
दरअसल, स्टेट यूनिवर्सिटीज साल में एक बार एंट्रेंस एग्जाम कंडक्ट करती हैं जबकि NET साल में दो बार होता है। इससे स्टूडेंट्स को साल में दो बार PhD एडमिशन के मौके मिलेंगे। NET के रिजल्ट में मार्क्स के साथ परसेंटाइल भी जारी किए जाएंगे। एडमिशन में NET स्कोर को 70% वेटेज, इंटरव्यू को 30%
अब तक NET स्कोर के बेसिस पर सिर्फ 60% सीटों पर एडमिशन होते थे। बची हुई सीटों पर एडमिशन के लिए यूनिवर्सिटी का एंट्रेंस एग्जाम देना जरूरी होता था। अब PhD एडमिशन के लिए NET क्वालिफाई करना जरूरी होगा। एडमिशन प्रोसेस बदलने के बाद अब NET देने के बाद PhD के लिए एलिजिबल कैंडिडेट्स को एडमिशन में टेस्ट स्कोर में 70% वेटेज और इंटरव्यू में 30% वेटेज दिया जाएगा। JRF क्वालिफाइड कैंडिडेट्स का सिलेक्शन इंटरव्यू से ही होगा।

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